रुपये
केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा
कमाई और खर्च का हिसाब लगाने के बाद केंद्र सरकार कितना उधार लेने की योजना बनाती है।
सरकारी वित्त
केंद्रीय बजट के दो आंकड़े चुनें और उन्हें साल-दर-साल पढ़ें। जैसे, उधार (राजकोषीय घाटा) को पूंजीगत खर्च के साथ रखें, तो उन्हीं सालों के लिए दिखेगा कि सरकार ने कितना उधार लिया और सड़कों-रेलवे जैसी टिकाऊ संपत्तियों पर कितना खर्च किया। हर आंकड़े का लेबल साथ रहता है: बजट अनुमान एक योजना है, वास्तविक आंकड़ा नतीजा है।
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कमाई और खर्च का हिसाब लगाने के बाद केंद्र सरकार कितना उधार लेने की योजना बनाती है।
रुपये
केंद्र सरकार लंबे समय तक चलने वाली सार्वजनिक संपत्तियों और बुनियादी ढांचे पर कितना खर्च करती है।
इसे कैसे पढ़ें
हर आंकड़ा वैसा ही दिखाया गया है जैसा केंद्रीय बजट के दस्तावेज़ों में छपा है: हर वित्त वर्ष का एक आंकड़ा, कोई खाली जगह भरी नहीं गई। दोनों को कभी मिलाकर एक अंक नहीं बनाया जाता।
स्रोत: केंद्रीय बजट के दस्तावेज़, हर आंकड़े के अपने पेज के ज़रिए।
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